ब्राह्मणी और नेवला की कहानी – पंचतंत्र (बिना सोचे काम न करें)

एक ब्राह्मणी ने पालतू नेवले के मुंह पर खून देखकर सोचा कि उसने उसके बच्चे को नुकसान पहुंचाया है और बिना सोचे उसे मार दिया। अंदर जाकर देखा तो बच्चा सुरक्षित था और पास में एक मरा हुआ सांप पड़ा था। पंचतंत्र की यह कहानी सिखाती है कि जल्दबाज़ी में फ़ैसला न लें।

तेनालीराम और जादुई गधा – अंगूठी चोर कैसे पकड़ा

राजा कृष्णदेव राय की अंगूठी चोरी हुई और शक बारह सेवकों पर था। तेनालीराम ने कहा कि अंधेरे कमरे में बंधा जादुई गधा पूंछ छूने पर चोर का नाम बता देगा। सबने पूंछ छुई — सिवाय चोर के। कालिख से साफ़ हाथों ने चोर की पोल खोल दी।

रेत और चीनी – अकबर-बीरबल की कहानी

एक दरबारी ने रेत और चीनी का मिश्रण लाकर चुनौती दी कि बिना पानी के चीनी अलग करके दिखाओ। बीरबल ने मिश्रण को पेड़ के पास बिखेर दिया — चींटियां चीनी के दाने ले गईं और रेत वहीं पड़ी रह गई।

चोर की दाढ़ी में तिनका – अकबर-बीरबल की कहानी

बादशाह अकबर की कीमती अंगूठी चोरी हो गई। बीरबल ने दरबारियों से कहा, “चोर की दाढ़ी में तिनका है।” यह सुनते ही एक दरबारी ने घबराकर अपनी दाढ़ी टटोली — और बीरबल ने चोर पकड़ लिया।

बोलने वाली गुफा की कहानी – चतुर सियार (पंचतंत्र)

भूखा शेर सियार की गुफा में छिपकर बैठ गया ताकि सियार के लौटते ही उसे खा ले। पर सियार ने पैरों के निशान देखकर समझ लिया कि अंदर कोई है। उसने गुफा से “बात” करने की चाल चली और शेर खुद बोल पड़ा।

कबूतर और शिकारी की कहानी – पंचतंत्र (एकता की ताकत)

शिकारी के जाल में फंसे कबूतरों ने अपने राजा चित्रग्रीव के कहने पर एक साथ ज़ोर लगाया और पूरा जाल लेकर उड़ गए। फिर उनके दोस्त चूहे हिरण्यक ने जाल काटकर सबको आज़ाद किया। पंचतंत्र की यह कहानी एकता और दोस्ती की ताकत सिखाती है।

गोवर्धन पूजा की कथा – श्रीकृष्ण ने उठाया गोवर्धन पर्वत

ब्रजवासी हर साल इंद्र की पूजा करते थे। बालक कृष्ण ने उन्हें गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा। नाराज़ इंद्र ने मूसलाधार बारिश की, तो कृष्ण ने सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को छोटी उंगली पर उठाकर सबको बचाया।

धनतेरस की कथा – राजा हिम के पुत्र और यमदीप की कहानी

धनतेरस की प्रसिद्ध कथा राजा हिम के पुत्र की है, जिसकी नई दुल्हन ने दीपों की रोशनी और गहनों के ढेर से सर्प-रूप में आए यमराज को रात भर रोक दिया। इसी से यमदीप की परंपरा बनी। इस दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।

एकता में बल है – किसान और उसके चार बेटों की कहानी

एक बूढ़े किसान के चार बेटे आपस में हमेशा लड़ते थे। किसान ने उन्हें लकड़ियों का गट्ठर तोड़ने को दिया। अकेली लकड़ी आसानी से टूट गई, पर गट्ठर कोई नहीं तोड़ पाया। बेटों को एकता का असली मतलब समझ आ गया।

सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की कहानी – लालच बुरी बला

एक गरीब किसान की मुर्गी रोज़ एक सोने का अंडा देती थी। अमीर होते-होते किसान लालची हो गया और सारे अंडे एक साथ पाने के लिए उसने मुर्गी को ही मार डाला। अंदर कुछ नहीं मिला और रोज़ का अंडा भी चला गया।