Bitcoin : Story in Hindi

Bitcoin

Bitcoin अगर आप इंटरनेट का उपयोग करते है या खबरे पढ़ते है तो आप ने अभी कुछ दिनों से ये नाम सुना होगा अगर नहीं सुना तो खुद को थोड़ा अपडेट करिये क्यूंकि आज पूरा विश्व एक ऐसी करेंसी की तरफ जा रहा है जिसे आप देखा नहीं सकते अपने पर्स में रख नहीं सकते ना ही बैंक में रख सकते है पर हर चीज खरीद सकते है ये करेंसी है Bitcoin तो आज में आप को Bitcoin की पूरी कहानी बताने जा रहा हूँ।

what is Bitcoin (क्या है Bitcoin)

Bitcoin दुनिया का सबसे पहला डिजिटल Decentralized (विकेन्द्रीकृत) crypto currency (क्रिप्टोकरेंसी) है Bitcoin दुनिया में कंही भी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक मुद्रा के लेन-देन के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करती है जिसके लिए बैंक , paypal या वेस्टन यूनियन मनी ट्रांसफर जैसी किसी centralized (केन्द्रीकृत) बॉडी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. और ये लेन-देन एकदम सुरक्षित और तेज़ है इस लेनदेन में किसी का नाम भी उपयोग नहीं किया जाता है सबसे अच्छी बात ये है की इसका इस्तेमाल कोई भी कर सकता है।

Bitcoin Story (Bitcoin की कहानी)

Bitcoin का विचार दुनिया के सामने आया 2009 में लेकिन क्रिप्टोकरेंसी का आईडिये का जन्म तो 1990 में ही होगया था सन 1990 में डिजिक्स नाम की कंपनी ने डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी का आईडिया दुनिया के सामने रखा पर उस समय डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी के सामने सबसे बड़ी समस्या थी सुरक्षा और सुरक्षा की यही कमी साल 1990 में डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी की असफलता का कारण बनी पर 2008 में जब दुनिया अंतरराष्टीय आर्थिक संकट का सामना कर रही थी तब एक स्वतन्त्र , सुरक्षित और Decentralized (विकेन्द्रीकृत) करेंसी के बारे में जरुरत महसूस की जाने लगी इस बीच 18 अगस्त 2008 को Bitcoin नाम से एक domain बुक किया गया इसके बाद 3 जनवरी 2009 को एक Satoshi nakamoto (सतोसी नाकामोटो) नाम के व्यक्ति या ग्रुप ने Bitcoin के आईडिया से जुड़े दस्तावेज और एक ओपन कोड सॉफ्टवेयर जो की डिजिटल coin जनरेट कर सकता था इंटरनेट पर डाल दिया. इस पर Hal Finney (हल फन्नी) नाम के व्यक्ति (जो की एक कंप्यूटर वैज्ञानिक है) का ध्यान गया और उसने वो सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया और डिजिटल कॉइन जनरेट किये । पूरी दुनिया में पहला ट्रांजेक्शन 10 Bitcoin का हुआ था जो की सतोषी नकामोटो और हल फन्नी के बीच हुआ ।

Who is Satoshi nakamoto ( कौन है सतोषी नकामोटो )

Satoshi Nakamoto
Satoshi Nakamoto

सन 2014 के आते आते लोगो ने Bitcoin के बारे में बात करना शुरू कर दिया तब अमेरिका ने Bitcoin की जांच करना चालू किया जिसके लिए सबसे पहले सतोषी नकामोटो का मिलना जरुरी था और अमेरिकन इंटेलिजेंट्स ने अमेरिका के L.A. (लॉस एंजेलिस) से एक सतोषी नकामोटो को ढूंढ भी लिया जिनका पूरा नाम डोरियन सतोषी नकामोटो था डोरियन सतोषी नकामोटो ने अमेरिकन मीडिया के सामने कई सबूत रखे जिसे साबित हो की वही Bitcoin का जनक सतोषी नकामोटो है लेकिन बाद में डोरियन सतोषी नकामोटो अपनी बात से मुकर गया। आप को जानकर हैरानी होगी की डोरियन सतोषी नकामोटो और हल फिनने (जिसने सतोषी नकामोटो से पहला 10 Bitcoin का ट्रांजेक्शन किया था) ये दोनों ही अमेरिका के L.A. में एक दूसरे से सिर्फ 20 मकान दूर रहते थे .

यंहा तीन चीजीओं की सम्भावन हो सकती है :

  1. या तो डोरियन सतोषी नकामोटो ही असली सतोषी नकामोटो है।
  2. या हल फिनने ही सतोषी नकामोटो है जिसने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपने पडोसी डोरियन सतोषी नकामोटो का नाम उपयोग किया।
  3. या फिर सतोषी नकामोटो कोई व्यक्ति नहीं एक ग्रुप है।

सतोषी नकामोटो कोई भी हो लेकिन Bitcoin के आने बाद international financial market में एक सुरक्षित और Decentralized (विकेन्द्रीकृत) मुद्रा की मांग पूरी हो गई थी क्यूंकि आज सामान्य मुद्रा के द्वारा किया गया हर ट्रांजेक्शन ना सिर्फ एक केन्द्रीकृत प्रणाली से होकर गुजरता है बल्कि centralized System (केन्द्रीकृत प्रणाली ) हर ट्रांजेक्शन के दस्तावेज को पेमेंट गेटवे (payment Get way) और बैंक के माध्यम से अपने यंहा सुरक्षित भी रखता है।

लेकिन Bitcoin में ट्रांजेक्शन दो व्यक्ति के बीच सीधे होता है जो पूरी तरह से Decentralized (विकेन्द्रीकृत) और सुरक्षित होता है।

उदाहरण के रूप में देखे तो मान लीजिए मुझे आप लोगो को Rs. 1000 का भुगतान करना है अगर मैं ये भुगतान RTGS या NEFT के माध्यम से करना चहुँ तो मैं अपने बैंक खाते से 1000 का भुगतान करूँगा बैंक मुझसे इस RTGS या NEFT के लिए एक निश्चित fees लेगी इसके बाद मेरी बैंक आपके बैंक को 1000 का भुगतान करेगी जो आपके खाते में जमा होगा इस पुरे ट्रांजेक्शन में आपके और मेरे अलावा तीन बैंक भाग लेंगी मेरी बैंक आपकी बैंक और तीसरी वो बैंक जो दोनों बैंकों के बीच इस ट्रांजेक्शन को पूरा करेंगी। और ये तीनो ही बैंक इस ट्रांजेक्शन की जानकारी आपने पास सुरक्षित रखेंगी। पर Bitcoin से किये ट्रांजेक्शन में मेरे और आप के बीच कोई तीसरा पक्ष नहीं होता।

बिटकॉइन माइनिंग (Bitcoin Mining )

बिटकॉइन को बनाया नहीं सकता इसे कमाया जा सकता है बिटकॉइन को कमाने की प्रक्रिया को Bitcoin Mining कहा जाता है सरल भाषा में कहूं तो बिटकॉइन ट्रांजेक्शन की पूरी प्रकिया peer to peer तकनीक से होता है याने बिटकॉइन नेट के माध्यम से एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में पहुँच जाती है और इस लेनदेन को सुरक्षित बनाते है वो हजारों लोग जो अपने पॉवरफुल कंप्यूटर के माध्यम से इन ट्रांजेक्शन कोड की जाँच करके उसे हल करते है इस प्रकिया में पॉवरफुल कंप्यूटर कोड की जाँच के अलवा ट्रांजेक्शन को सही जगह तक पँहुचाते है ताकि कोई गड़बड़ी न हो हजारों लोगो में से जो भी इस कोड को पहले सुलझा के ट्रांजेक्शन को पूर्ण करता है उसे इनाम के तौर पर कुछ बिटकॉइन दे दिया जाता है इसी तरह नये बिटकॉइन डिजिटल दुनिया में आ जाते है इस पूरी प्रक्रिया को Bitcoin Mining कहते है।

बिटकॉइन की अर्थव्यवस्था का निर्माण इस तरह किया गया है की एक निश्चित समय (हर चार वर्ष) के बाद बिटकॉइन बनने की प्रक्रिया आधी हो जाती है इसलिए आज से 123 वर्षों के बाद याने 2140 तक नए बिटकॉइन का निर्माण बिलकुल बंद हो जायेगा गणना के अनुसार तब तक विश्व में कुल 2 करोड़ 10 लाख बिटकॉइन होंगे। बिटकॉइन को 8 डेसिमल तक तोडा जा सकता है जैसे 1 रूपये में 100 पैसे होते है उसी तरह बिटकॉइन को भी 0.00000001 के रूप में उपयोग किया जा सकता है। मतलब 1 बिटकॉइन ना देकर जरुरत के हिसाब से लेनदेन किया जा सकता है।

ऐसा माना जा रहा है की बिटकॉइन भविष्य की करेंसी है जिसकी संख्या सिमित है इसलिए इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है इस लिए इसकी कीमत बढ़ती जा रही है पहली बार सन 2009-2010 में बिटकॉइन से एक पिज़्ज़ा ख़रीदा गया था जिसके लिए 10000 बिटकॉइन दिया गया था लेकिन आज दिसंबर 2017 को इस आर्टिकल को लिखते समय भारतीय बाजार में 1 बिटकॉइन की कीमत 10 लाख रूपये है.

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बहोत सी सरकारें इसे मान्यता नहीं देते क्यों की इस पर कोई कंट्रोलबॉडी काम नहीं करती और इसका इस्तेमाल तस्करी, ड्रग्स और अन्य गैरकानूनी कामो में पैसे के ट्रांजेक्शन के लिए किया जाने लगा है लेकिन बिटकॉइन का सारा डाटा और संख्या नेट पर मौजूद है जिसके कारण black money पर लगाम लगाया जा सकता है।

पहले सिक्के सोने के होते थे फिर चांदी के कुछ समय के लिए एक सनकी राजा ने चमड़े के भी सिक्के चलाये आज कागज के नोट का चलन है समय के साथ करेंसी में बदलाव आता रहा है इसलिए बिटकॉइन को भविष्य की करेंसी कहा जा सकता है।

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