Akshay Movie Gold : Real Hero story in hindi

“Gold” Akshay की आने वाली नई बायोपिक मूवी है Akshay उन बेहतरीन कलाकार में एक हैं जिनकी फिल्म हर कोई देखना चाहता है आज कल अक्षय अपनी फिल्म padman के लिए चर्चा में है और उनकी अगस्त 2018  में आने वाली फिल्म GOLD का भी लोगो को बहोत इंतज़ार है अक्षय कुमार आज कल बायोपिक ज्यादा कर रहे है उनकी कई फिल्मे बायोपिक रही है और आने वाली फिल्म GOLD भी एक बायोपिक है अक्षय की ये फिल्म साल 1948 लन्दन ओलिंपिक पर आधारित है। फिल्म की कहानी भारत के आज़ादी के बाद हाँकी में पहले GOLD मेडल जीतने के इर्द-गिर्द बुनी गयी है। इस फिल्म में अक्षय के साथ पहली बार टेलीविशन की मशहूर कलाकार मौनी रॉय भी नज़र आएंगी ये उनकी डेब्यू फिल्म है जैसी की खबरे  है की GOLD एक बायोपिक है तो ये भी खबरे है की ये फिल्म 1948 ओलिंपिक में भारतीय हाँकि के कप्तान बलबीर सिंह सीनियर पर आधारित है …

Akshy gold movie
Akshy gold movie

बलबीर सिंह सीनियर का जन्म 10 अक्टूबर 1924 में हरीपुर पंजाब में हुआ। बलबीर सिंह सीनियर भारत के उस हाँकि टीम के सदस्य थे जिसने तीन ओलिंपिक में GOLD मैडल जीता लन्दन (1948) ,हेलसिंकी (1952) और मेलबर्न (1956) इस टीम में हाँकी के जादूगर ध्यानचंद भी थे।

balbir singh senior
balbir singh senior

बलबीर सिंह सीनियर ऐसे खिलाडी है जिन्होंने सबसे अधिक हाँकि गोल का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। 1952 के ओलिंपिक में फाइनल  के दौरान नीदरलैंड के विरुद्ध Balbir Singh senior ने पांच गोल कर रिकॉर्ड बानया था। बलबीर सिंह के साथ सीनियर जोडा जाता है ताकि उन्हें एक अन्य होंकी खिलाडी बलबीर सिंह से अलग पहचाना जा सके।

1975  Balbir Singh senior को भारतीय होंकी टीम का मैनेजर और चीफ़ बांया गया। उनके कोच रहते भारतीय पुरुष होंकी टीम ने वर्ल्डकप जीता। सन 2012 के लंदन ओलिंपिक के दौरान रॉयल ओपेरा हाउस ने बलबीर सिंह सीनियर को सम्मानित किया।

1975 world cup
1975 world cup

बलबीर सिंह सीनियर को उन 16 खिलाडियों में भी शामिल किया गया जिन्हे ताकत ,मजबूती,कोशिश,जूनून,मेहनत,लगन और उपलब्धियों के लिए याद किया जाता है।

बलबीर सिंह सीनियर ने होंकी की शुरुवात एक फिल्म जो की 1936 ओलिंपिक जीत पर आधारित थी से प्रभावित हो के की बाद में खालसा कॉलेज के होंकी कोच हरबैल सिंह ने Balbir singh senior के प्रतिभा को पहचाना और उन्हें खालसा कॉलेज आने को कहा पर बलबीर सिंह सीनियर का कॉलेज सिख नेशनल कॉलेज था जो की लौहार में था और खालसा कॉलेज अमृतिसर में था पर बलबीर सिंह सीनियर ने अपने परिवार को खालसा कॉलेज में जाने को मना लिया।

हरबैल सिंह ने  Balbir Singh senior की ट्रेनिंग शुरू की। हरबैल सिंह  ने भारतीय नेशनल होंकी टीम को हेलसिंकी और मेलबर्न ओलिंपिक के लिए तैयार किया। 1942-43 में  बलबीर सिंह सीनियर को पंजाब यूनवर्सिटी के लिए चुना गया और होंकी टीम का कप्तान भी बनया गया  Balbir Singh senior की कप्तानी में पंजाब यूनवर्सिटी ने आल इंडिया यूनवर्सिटी टाईटल जीता और लगातार तीन साल ये टाईटल जीता ।

भारतीय होंकी टीम में खेलते हुए लंदन ओलिंपिक 1948 में अर्जेंटीना के खिलाफ मैच में सिंह सिंनियर ने 6 गोला किये जिसे भारत ने 9 -1 से जीता। ओलिंपिक 1952 में बलबीर सिंह सीनियर के उप-कप्तान थे सेमीफइनल में सिंह सीनियर ने हैट्रिक गोल लगाया और उन्होंने भारत के द्वारा किये 6 गोलों में से 5 गोल किये और नीदरलैंड के खिलाफ मैच जिताया। मैलबर्न ओलिंपिक 1956 में भारतीय टीम के कप्तान थे और पहले मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ 5 गोल किये लेकिन चोट लगने के बाद वो सीधे फाइनल मैच खेले और पाकिस्तान के खिलाफ मैच जीता।

1956 Melbourne Olympic Victory Ceremony
1956 Melbourne Olympic Victory Ceremony

बलबीर सिंह सीनियर वो पहले खिलाडी थे जिन्हे पद्मश्री से सम्मानित किया गया। डोमिनिकन रिपब्लिक द्वारा जारी डाक टिकट में बलबीर सिंह सीनियर और गुरुदेव सिंह को जगह मिली। 2006 में उन्हें सर्वश्रेठ सिख होंकी खिलाडी घोषित किया गया। 2015 में उन्हें मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अवार्ड से सम्मानित किया गया।

बलबीर सिंह सीनियर के पिता श्री दिलीप सिंह दोसांजा एक स्वतंत्रता सेनानी थे बलबीर सिंह सीनियर की पत्नी सुशील लौहार की थी जिनसे Balbir Singh senior का विवाह 1946 में हुआ। बलबीर सिंह सीनियर के तीन बेटे और एक बेटी है जो अब कनाडा में रहते है उनकी बहुएं चीन,सिंगापुर और यूक्रेन से हैं।

GOLD फिल्म इस महान खिलाड़ी को एक और सम्मान है जिसने देश के लिए वो समान हासिल किया जो बहोत काम लोग कर पाते हैं।

 

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